Thursday, April 7, 2011

पंजाब में दीक्षांत समारोह में नहीं पहनना पड़ेगा गाउन


 केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश की तर्ज पर ही पंजाब की अकाली भाजपा सरकार भी कालेजों के दीक्षांत समारोह में डिग्री लेने के दौरान पहने जाने वाले गाउन को गुलामी का प्रतीक मानने लगी है। कई मौकों पर गाउन को गुलामी का प्रतीक बताकर पहले भी बहिष्कार किया जा चुका है। यही कारण है कि अब बादल सरकार ने सूबे में होने वाले दीक्षांत समारोहों में गाउन पहनने की प्रथा को समाप्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री लक्ष्मीकांता चावला के विरोध के बाद इस संबंध में राज्य के शिक्षा विभाग ने कालेजों के प्राचार्यो को आदेश जारी किए हैं कि वह डिग्री लेने के दौरान पहने जाने वाले गाउन पर अपनी-अपनी राय भेजें ताकि उसे जनराय बनाने के बाद इस तरह की परंपरा को रखने या फिर समाप्त करने पर कोई फैसला लिया जा सके। पंजाब के शिक्षा मंत्री का कहना है कि डिग्री लेते समय गाउन पहनना भारतीय संस्कृति नहीं है बल्कि यह भारत को अंग्रेजों द्वारा सौंपी गई एक प्रथा है। उनका कहना है कि गाउन ब्रिटिश साम्राज्य की गुलामी का प्रतीक है। इसको अब तक अपनाए रहने का मतलब है कि हम मानसिक रूप से अभी अंग्रेजों के गुलाम बने हुए हैं। अब समय आ गया है कि हमें इससे मुक्ति ले लेनी चाहिए|

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